औषधीय गुणों का पिटारा- नीम

Date:

नीम एक ऐसा पेड़ है जिसे चमत्कारिक जड़ी बूटी के रूप में भी जाना जाता है। इसका हर हिस्सा औषधीय उपचार में काम आता है। गांवों में आज भी लोग इसकी टहनियों से दातून करते हैं। बहुत से लोग इसकी पत्तियों की कड़वाहट के कारण इसे पसंद नहीं करते हैं, मगर आयुर्वेद में इसके चौंकाने वाले फायदे बताए गए हैं। आइये जाने क्या हैं इसके फायदे।


सेवन के लाभ

  • इसका सेवन करने से रक्त साफ रहता है। साथ ही इसमें फंगस, वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता भी होती है। यह अपने एंटीकैंसर गुणों के लिए भी जाना जाता है।
  • इसकी पत्तियों का इस्तेमाल दवा बनाने में किया जा सकता है। इसके बीज का भी इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है।
  • रोजाना सुबह खाली पेट नीम की पत्तियां खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ती ही है साथ ही शारीरिक विकार भी दूर होते हैं।
  • नीम के पत्तों का उपयोग कुष्ठ रोग के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल से नेत्र विकार, नकसीर, आंतों के कीड़े, पेट की ख़राबी, भूख न लगना, हृदय और रक्त वाहिकाओं के रोगों (हृदय रोग), बुखार, मधुमेह, मसूड़ों की बीमारी (मसूड़े की सूजन) और जिगर के रोग ठीक हो जाते हैं।
  • यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करने, पाचन तंत्र में अल्सर को ठीक करने, बैक्टीरिया को मारने और मुंह में प्लाक के निर्माण को रोकने में भी मदद कर सकता है।
  • इसका सेवन करने से पेट में बीमारी की संभावना काफी कम हो जाती है। कील, मुंहासे नहीं निकलते हैं और त्वचा चमकदार होती है।

Sri Maheshwari Times
Sri Maheshwari Times
Monthly Maheshwari community magazine connecting Maheshwaris round the globe.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Sri Maheshwari Times- March 2026 Edition

Check out Sri Maheshwari Times March 2026 'Mahila Visheshank'...

Varshika Gaggar को अमेरिका मे गोल्ड मेडल

नागौर। स्व. श्री महादेवजी एवं स्व. श्रीमती गीता देवी...

Sri Maheshwari Times- February 2026 Edition

Check out Sri Maheshwari Times February 2026 Edition on...

Ashva Ratna Mudra for Concentration

अश्व रत्न मुद्रा (Ashva Ratna Mudra) का अभ्यास एकाग्रता...